(छत्तीसगढ़) किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने धान बिक्री हेतु नवीन पंजीयन और रकबा संशोधन की प्रक्रिया के लिए अतिरिक्त समय प्रदान किया है। यह निर्णय उन किसानों को राहत देने के उद्देश्य से लिया गया है, जो किसी कारणवश निर्धारित समय सीमा में अपना पंजीकरण या रकबा सुधार नहीं करा पाए थे। अब किसान 19 नवंबर से 25 नवंबर 2025 तक तहसील कार्यालय में जाकर आसानी से अपनी सभी आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।
इस अतिरिक्त समयावधि से उन किसानों को विशेष मदद मिलेगी, जिनके दस्तावेजों में त्रुटियाँ थीं या जो तकनीकी कारणों से ऑनलाइन पंजीकरण नहीं कर पाए थे। सरकार ने स्पष्ट किया है कि धान समर्थन मूल्य पर बिक्री के लिए वैध पंजीयन अनिवार्य है, इसलिए सभी किसान समय रहते अपनी जानकारी अद्यतन करा लें।
तहसील कार्यालयों में किसानों की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्था की गई है, ताकि बिना किसी परेशानी के वे अपना नया पंजीयन एवं रकबा संशोधन करा सकें। अधिकारी एवं कर्मचारी भी निर्देशित किए गए हैं कि किसानों को तेज, सरल और पारदर्शी सेवा प्रदान की जाए।
किसानों को किसी भी प्रकार की समस्या आने पर सरकार ने टोल फ्री सहायता नंबर भी जारी किए हैं। एम-रजिस्ट्रेशन हेल्पडेस्क का टोल फ्री नंबर 1800-233-1030 तथा खाद्य विभाग का नंबर 1800-233-3663 है, जहां किसान अपने सवालों और समस्याओं का समाधान प्राप्त कर सकते हैं।
सरकार का कहना है कि किसानों की सुविधा और हित उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं ताकि धान खरीदी प्रक्रिया सुचारू, पारदर्शी और किसानों के लिए सरल रहे। यह विस्तारित समय सीमा किसानों को राहत प्रदान करेगी और उन्हें समय पर अपने दस्तावेज अद्यतन कराने का अवसर देगी।